75 पर भी ‘नॉट आउट’ हैं महानायक अमिताभ बच्चन

75 पर भी ‘नॉट आउट’ हैं महानायक अमिताभ बच्चन

Credit by- Zee News

नई दिल्ली: अमिताभ बच्चन के लिए उम्र केवल एक संख्या है. पिछले चार दशकों से रुपहले पर्दे पर छाए अमिताभ बुधवार को 75 साल के होने जा रहे हैं, लेकिन उनका काम करना जारी है और उनकी डायरी पहले से ही 2019 की उनकी परियोजनाओं से भर गई है. एक ऐसे उद्योग में, जहां अनुभवी अभिनेताओं के लिए किरदार शायद ही कभी लिखे जाते हैं, वहां अमिताभ एक नवोदित कलाकार जैसे उत्साह और जुनून लिए अपने लुक्स, किरदारों और विषयों के साथ प्रयोग कर रहे हैं. फिल्म ‘102 नॉट आउट’ में अमिताभ के साथ काम कर रहे उमेश शुक्ला ने आईएएनएस को बताया, “जब वह सेट पर आते हैं तो वह हमेशा चरित्र में होते हैं. उन्होंने मुझे कभी महसूस नहीं कराया कि मैं अमिताभ बच्चन को निर्देशित कर रहा हूं. मुझे लगता है कि मैं चरित्र को निर्देशित कर रहा हूं.” उमेश ने आगे कहा, “जब वह अपनी वैनिटी वैन से बाहर निकलते हैं तो वह उस तरह के मूड में होते हैं, जो दृश्य के लिए आवश्यक होता है और इस तरह के माहौल को बनाता है. उनके साथ काम करना मजेदार है.

फिल्म ‘102 नॉट आउट’ में अमिताभ के अलावा अभिनेता ऋषि कपूर भी हैं, जो फिल्म में 102 वर्षीय पिता अमिताभ के 75 वर्षीय पुत्र की भूमिका निभा रहे हैं. वहीं, इसके अलावा अमिताभ ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तां’ में भी एक और चुनौतीपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिसमें वह लंबी दाढ़ी और एक बख्तरबंद में नजर आ रहे हैं. इसमें उनके साथ पहली बार आमिर खान भी नजर आएंगे, जो अमिताभ के प्रशंसक रहे हैं. बिग बी अपने उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, वहां अक्सर लोग धूमधाम से अपना जन्मदिन मनाते हैं, लेकिन उन्होंने इस बार किसी तरह के जश्न से दूरी बना ली है. वह अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने के लिए मालदीव रवाना हुए हैं. बिग बी ने एक बार कहा था, “एक छोटा व सुखी परिवार उनके लिए पर्याप्त है.” अमिताभ व उनके परिवार पर आने वाली किताब ‘द बच्चन्स’ के लेखक व फिल्म इतिहासकार एम.एम.एम. औसजा कहते हैं,

“उनकी असाधारण सफलता, प्रतिभा और भाग्य का शानदार उदाहरण है.” उन्होंने कहा, “अगर आप बहुत प्रतिभाशाली हैं और भाग्य में कमी हैं, तो आप नसीरुद्दीन शाह हैं. अगर आपमें प्रतिभा की कमी है, लेकिन भाग्य शानदार है तो आप जितेंद्र हैं. बच्चन के मामले में यह मिश्रण बिल्कुल सही है। वह दिखने में अपरंपरागत और अपने दौर के अभिनेताओं से अलग थे. उनका व्यवहार और शैली उनकी अपनी थी.” उमेश शुक्ला कहते हैं कि वह दिन में 14 से 15 घंटे काम करते हैं, जो उनकी उम्र को देखते हुए बड़ी बात है. वह हमेशा काम करते रहते हैं और कभी थके हुए नजर नहीं आते. उन्होंने कहा, “कभी-कभी हमें कहना पड़ता है कि आप आराम कर लीजिए, लेकिन वह कहते हैं- नहीं, मैं काम करूंगा। यही उनका लगन है.”

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